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Lockdown खुलने के बाद इस महामारी से बचने के लिए पाँच टिप्स

Lockdown खुलने के बाद इस महामारी से बचने के लिए पाँच टिप्स

Lockdown खुलने के बाद इस महामारी से बचने के लिए पाँच टिप्स

 

Lockdown आशिंक रूप से खुल गया है सरकार ने अपनी तरफ़ से जो ज़िम्मेदारी निभानी थी वो पूरी कर दी है हिदायतें भी दे दी है अब ज़िम्मेदारी हमारी है कि हम जब बाहर निकले तो हमें अपनी ज़िंदगी में क्या क्या सावधानी रखनी है
क्या आपने जीवन में कभी इस तरह की गड़बड़ देखी। 
पर्यावरण बिलकुल साफ़ सुथरा है लेकिन मास्क पहनना अनिवार्य है, क्यों ?
हाथों को बार बार धोना है क्यों ?
सामाजिक दूरी का पालन करना है क्यों ?
सड़कें खाली हैं लेकिन लंबी ड्राइव पर जाना असंभव है। क्यों ?
लोगों के हाथ साफ हैं लेकिन हाथ मिलाने पर प्रतिबंध है। क्यों ?
दोस्तों के पास एक साथ बैठने का समय है लेकिन वे एक साथ नहीं मिल सकते। क्यों ?
खाना अच्छा बनाना आता है, लेकिन आप किसी को भी लंच या डिनर पर नहीं बुला सकते हैं। क्यों ?
आफ़िस खुल गए हैं पर लोगों को मिलने से मनाही  क्यों ?
जिनके पास पैसा है, उनके पास इसे खर्च करने का कोई रास्ता नहीं है। क्यों ?
जिनके पास पैसा नहीं है, उनके पास इसे कमाने का कोई रास्ता नहीं है। क्यों ?
हाथ में पर्याप्त समय है लेकिन आप अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकते। क्यों ?
यदि कोई इस दुनिया को छोड़ देता है, तो उसे अश्रुपूरित नेत्रों से विदा नहीं कर सकते क्यों ?
Lockdown खुलने के बाद इस महामारी से बचने के लिए पाँच टिप्स
Lockdown खुलने के बाद इस महामारी से बचने के लिए पाँच टिप्स
इन सब क्यों का जवाब मेरे नीचे लिखे टिप्स के साथ है लॉकडाउन खुलने के बाद हमें ये पाँच टिप्स अनिवार्य रूप से अपनाने पड़ेंगे निम्नलिखित ये पाँच टिप्स है 
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मास्क अनिवार्य रूप से पहने 
मॉस्क ज़िंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा बना ले जिस तरह से हमारी ज़िंदगी में खाना पीना  सोना ज़रूरी है उसी तरह से मास्क पहनना भी ज़िंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा बना लीजिए अगर आप वो पहन कर बाहर नहीं निकलेंगे तो बीमारी को ख़ुद आमंत्रण देंगे तो इसलिए ज़रूरी है कि मास्क पहनने में असावधानी ना करें चाहे आप चाहें कहीं भी जा रहे हो चाहे वो मंदिर हो या दफ़्तर या किसी के घर 
हाथों को बार बार साबुन से धोएँ या सेनेटाइज करें
आज तक अपने हाथ धोने का कोई नियम बनाया है या नहीं बनाया अब आप ये नियम बनाने की ज़रूरत है आप किसी भी वस्तु को हाथ लगाते हैं किसी ऑफ़िस की टेबल को हाथ लगाते हैं या कोई सामान आप बाहर से लेकर आ रहे हैं तो आपने अपने हाथों को साबुन से 20 सेकंड तक लगातार धोना है ये हिदायत दी सिर्फ़ लाकडाउन के लिए नहीं दी गई थी आपको बार बार अपने हाथों को धोना है और मुँह पर अपना हाथ नहीं लेकर जाना है
बाहर निकलने पर आपको अपने वाहन को ओवरस्पीड से बचाना है
आज कल लाकडाउन पूरे रूप में नहीं खुला है तो लोग अपने घरों से कम निकल रहे हैं तो सड़कें भी ख़ाली है आवाजाही कम है तो सड़कें ख़ाली देखकर आप अपनी वाहन को ओवरस्पीड मत करें इससे आपकी गाड़ी के इंजन को तो नुक़सान होगा ही होगा और अगर अचानक कोई आपकी गाड़ी के आगे आगे आ गया तो एक्सीडेंट का ख़तरा भी बना रहेगा तो इसलिए ज़रूरी है कि गाड़ी धीमी गति से और जागरूक होकर चलाएँ ख़ुद भी एक्सीडेंट से बचेंगे और दूसरों को भी बचाएँगे 
अभी इस समय में घर पर घर से बाहर दोस्तों को मिलने से इकट्ठा होकर पार्टी करने से बचे
अभी इस महामारी का ख़तरा पूरी तरह से हमारे सिर से टला नहीं है तो ये मत सोचिए कि सरकार ने lockdown खोलने की इजाज़त दे दी है बाहर निकलने की इजाज़त दे दी है तो हम अपने दोस्तों के घर जाकर इकट्ठा होना शुरू कर दें पार्टियां करनी शुरू कर दे ये टाइम है संयम और सहनशीलता के साथ हम अभी भी अपने अपने घरों में रहें अगर कोई बहुत  ज़रूरी काम है तो ही हम घर से निकले अनावश्यक  रूप से कहीं भी किसी के घर में न आ जाए और अगर जाना भी पड़ता है तो सामाजिक दूरी का पालन करें मास्क लगाएं लगाएं बार बार हाथों को साबुन से धोएँ
सामाजिक दूरी का आवश्यक रूप से पालन  करें व करवाए
अगर हमें कहीं बाज़ार में या किसी और जगह पर किसी की मृत्यु पर  जाना पड़ जाता है तो हमें वहाँ पर अपना सामाजिक दायित्व समझते हुए सामाजिक दूरी का पालन करना है ख़ुद भी करना है दूसरों से भी कराना है सिर्फ़ इसको हिदायत न समझे क्योंकि अगर हम सभी चीज़ों का पालन करेंगे तो ही हम अपने परिवार को बचा पाएंगे हाँ ख़ुद के प्रति भी अपनी ज़िम्मेदारी निभा पाएँगे
तो ये मेरे पाँच टिप्स थे जो lockdown खुलने के बाद आपको आवश्यक रूप से पालन करने हैं तभी हम अपने परिवार के प्रति और अपने प्रति ज़िम्मेदारी निभा पाएँगे और इन सब चीज़ों का पालन इसलिए करना है क्योंकि हम अपने परिवार से प्यार करते हैं यदि हम अपने परिवार से प्यार नहीं करते हैं तो हम इन सब चीज़ों का पालन करना छोड़ सकते हैं सरकार हर जगह हमारे पीछे नहीं आएगी 
अगर हम ये सोचे  की जिस जगह पे हम बैठे हैं ये जिस जगह पे हम जा रहे हैं वहाँ पर कोई पुलिस नहीं आएगी सरकार का कारिंदा हमें नहीं देख रहा तो हम इन सब चीज़ों को पालन न करें तो वो हमारा अपने परिवार से प्यार नहीं होगा क्योंकि अगर हम भी कोई भी इस तरह का वायरस आता है तो हम अपने साथ साथ अपने परिवार को भी कष्ट में डाल देंगे तो हमने जो भी इन चीज़ों की पालना करनी है सरकार के लिए नहीं करनी है सरकार तो अगर आप को बीमारी का पता लगेगा तो आपको हॉस्पिटल में ले जाकर ट्रीटमेंट के लिए छोड़ देंगे आपके परिवार के किसी व्यक्ति को आपसे मिलने नहीं दिया जाएगा और आपका पूरा परिवार भी उसे संकट में आ जाएगा 
निर्णय आपका आप क्या चाहते हैं